8-10 साल मे ही बाल सफेद हो जाते है क्यों? |white hair in children|

बालों का सफेद होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है| लेकिन यदि बाल समय से पहले सफेद होने लगें तो मेडिकल भाषा में इस समस्या को कैनिटाइस (canitis) कहते है| जब उम्र बढ़ने लगती है, तो शरीर में मेलेनिन का उत्पादन धीमा हो जाता है| और बाल सफेद होने लगते है, लेकिन आजकल अब यह समस्या 2-3 या 8-10 साल मे ही बाल सफेद हो जाते है,क्यों?

इस आर्टिकल मे सफेद बाल से संबधित कारण व उसके घरेलू उपचार व कुछ सावधानी के बारे मे बताया गया है|

बच्चे के सफेद बाल

Contents

कैसे आते है बालों में रंग [How to get colour in hair]

मानव शरीर मे हीमोग्लोबिन, कैरोटीनॉयड और मेलेनिन नामक वर्णक होते है| बालों और त्वचा का रंग मेलेनिन वर्णक (melanin pigment ) निर्धारित करता है|

मेलानिन का निर्माण मेलेनोसाइट्स (Melanocytes) नामक विशेष वर्णक कोशिका के द्वारा होता है, यह त्वचा की ऊपरी सतह पर होती है, यह बालों को बढ़ाने में मदद करते है|

रोम-कूप (Hair follicle ) में दो प्रकार के मेलेनिन होते हैं,

एक एकल रोम कूप में दोनों में से कोई एक मेलेनिन मौजूद होता है:-

  1. इमेलेनिन (eumelanin) :- यह बालों को काला और भूरा रंग देता है|
  2. फोमेलेनिन (pheomelanin) :- यह बालों को पीला और लाल सुनहरा रंग देता है|

बालों के सफेद होने के पीछे दो सिद्धांत बताए गए है :-

  1. उम्र के बढ़ने के साथ ही मेलेनिन का उत्पादन धीमा या बंद हो जाता है, जिससे बाल सफेद होने लगता है|
  2. मानव के बाल तीन चरणों में विकसित होते है :- एनाजेन, कैटिजन और टेलोजेन। एनाजेन के दौरान बालों का विकास होता है और बालों को प्राकृतिक रूप से रंग मिलता है, कैटिजन वह चरण होता है, जिसमें आमतौर पर बालों में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिलता और वह प्राकृतिक रूप से बढ़ते और टूटते रहते है| वही अंतिम चरण टेलोजेन के दौरान बाल अपनी सतह छोड़ने और टूटने शुरू हो जाते है|

कम उम्र में बाल सफेद होने के मुख्य कारण क्या है? [What are the main reasons for graying of hair at a young age]

बच्चों में बाल सफेद होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है, इसके कई कारण हो सकते है :-

1.आनुवंशिकता

बच्चों में बाल सफेद होने का प्रमुख कारण आनुवंशिकता को माना गया है| एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर एक शोध प्रकाशित किया गया जिसके अंतर्गत जिन बच्चों के माता-पिता या दादा-दादी को समय से पहले या बचपन में बाल सफेद होने की समस्या रही है, तो उसके बच्चों को भी इसी तरह की समस्या होने का अधिक खतरा होता है|

कम उम्र मे अनुवाशिंकता के कारण सफेद बाल

2.पोषक तत्वों की कमी

बच्चों के खाने पीने पर सही ध्यान न दे पाने के कारण बच्चों में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है| यही पोषक तत्वों की कमी कम उम्र में ही सफेद बाल का कारण बन सकती है| तथा मेलानिन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है :-

विटमिन बी 12 की कमी

अनुसंधान या व्यापक शोध के बाद यह पाया गया कि शरीर में विटामिन बी 12 की कमी से अक्सर बच्चों में समय से पहले बाल सफेद हो जाते है|

प्रोटीन की कमी

क्रॉशिअकोर, नेफ्रोसिस, सीलिएक रोग, सहित कुछ अन्य विकारों के कारण शरीर में प्रोटीन की कमी के वजह से कम उम्र में ही बाल सफेद होने शुरू हो जाते है|

मिनरल्स की कमी

आयरन और कॉपर जैसे पोषक की कमी के कारण भी छोटी उम्र में ही बाल सफेद हो सकते है|

3. विशेष बीमारियों के कारण

बच्चों के बाल सफेद होने के पीछे कुछ विशेष बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार है:-

थायरॉइड की समस्या

हाइपोथायरॉइडिज़म (शरीर में थायराइड हार्मोन के स्तर में कमी) जिसमें थायरॉइड ग्रंथि में हॉर्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। तथा हार्मोन असंतुलन का सीधा असर दिमाग और बालों पर पड़ता है, जिसके कारण बाल तेजी से सफेद होते है|

ल्युकेमिया (blood cancer )

इससे बच्चे के शरीर में मेलेनिन की कमी हो जाती है, जिससे उसके बाल सफेद हो सकते है|

अनुवांशिक बीमारी

1 डाउन सिंड्रोम

यह अनुवांशिकता से जुड़ा एक विकार है, जिसमें व्यक्ति के चेहरे, नाक और गर्दन के आकार में बदलाव होने लगता है| इसके साथ ही साथ बाल भी सफेद होने लगते है|

2 वर्नर सिंड्रोम :-

यह भी एक अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की त्वचा का रंग बदलने लगता है, उसे धुंधला दिखने (मोतियाबिंद) लगता है, इससे ग्रसित व्यक्ति छोटे कद वाला और कम उम्र में ही बुढ़ापे का शिकार हो जाता है| मानसिक विकलांगता और बालों का रंग सफेद होने लगता है|

3 न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस (वॉन रेकलिंगज़ोन):-

हड्डियों और त्वचा का असामान्य विकास शुरू हो जाता है।

एलजेल्ड सिंड्रोम (Elejalde Syndrome):-

तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार है, जिसमें त्वचा व बालों के रंग में बदलाव होता है|

जीन से संबंधित विकार

1 एंजलमैन (Angelman)- इसमें मुख्य तौर पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है|

2 प्रैडर-विली सिंड्रोम (Prader–Willi Syndrome)- इसमें लगातार रोगी को भूख का एहसास होता है|

उपापचय संबंधी विकार

1 फिनायलकेटोन्यूरिया (Phenylketonuria)- इस बीमारी में फेनिलएलनिन (Phenylalanine) नाम के खास अमीनो एसिड का उपापचय नहीं हो पाता| जिससे शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है|

2 हिस्टीडिनेमिया (Histidinemia)- इसमें शरीर हिस्टीडीन अमीनो एसिड का उपापचय करने में अक्षम होता है| इस कारण खून में हिस्टीडिन अमीनो एसिड की मात्रा बढ़ जाती है|

प्रतिरोधक क्षमता संबधित बीमारी

1 ग्रिससेल्ली (Griscelli) व चेडियाक-हिगाशी (Chediak– Higashi) प्रतिरोधक क्षमता की कमी के कारण होने वाली त्वचा व बालों की रंगत में बदलाव की एक समस्या है|

2 विटिलिगो (Vitiligo)- इसमें रोगी की त्वचा जगह-जगह पर सफेद पड़ने लगती है| तथा यह मेलेनिन उत्पादन क्षमता में व्यवधान पहुँचाता है|

कुछ मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वयं के मेलेनोसाइट्स पर हमला करना शुरू कर देती है, जिसके चलते बालों के सफेद होने कि समस्या उत्पन्न हो जाता है|

4. रसायन युक्त हेयर प्रोडक्ट्स

विशेषज्ञों के अनुसार बालों पर रसायन कई तरह के दुष्प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है| इनमें बालों का सफेद होना भी शामिल है|

अन्य कारण-

1. तनाव

अध्ययनों से पता चला है, कि तनाव के वक्त बनने वाले हार्मोन मेलेनोसाइट कोशिकाओं को प्रभावित करना शुरू कर देते हैं, जिससे बच्चों के बाल समय से पहले सफेद हो सकते है|

इसका मतलब दिमागी तौर पर तनाव नहीं है, यह जीनोटॉक्सिक तनाव हो सकता है, जैसे कुछ पर्यावरणीय कारक ( पराबैंगनी किरण) के ज्यादा संपर्क में आना, इसके अलावा पहले की अपेक्षा बच्चों को स्कूल से उच्च स्तर के तनाव, मीडिया के संपर्क और सफल होने के दबाव होना आदि|

बच्चे के सफेद बाल

2. वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषण से भी बालों को काफी नुकसान पहुंचता है, बच्चे का धुएं (निष्क्रिय धूम्रपान) के संपर्क में रहना आदि|

3. अस्वास्थ्यकर भोजन

अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट (शर्करा युक्त खाद्य पदार्थ) के सेवन से शरीर में मेलेनिन के उत्पादन की क्षमता में बाधा आ सकती है| जैसे सोडा, चॉकलेट, कैंडी आदि, इसके अलावा बाहरी खानपान, ज्यादा जंकफूड और फास्टफूड खाना इत्यादि, आधुनिक दुनिया में समय से पहले बालों का सफेद होना आम होता जा रहा है|

4. दवाएं

कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण बालों का रंग सफेद होने लगता है|

5.डैंड्रफ

अगर बालों में डैंड्रफ की समस्या काफी ज्यादा है, तो ये बालों के सफेद होने के खतरे को बढ़ा देता है|

बच्चों के बाल सफेद होने पर 18 घरेलू उपचार [18 home remedies for white hair in children]

बच्चों के सफेद बाल का ठोस इलाज संभव नही है, लेकिन कुछ हद तक घरेलू उपचार से छुटकारा पाया जा सकता है, घरेलू उपचार बेहद प्रभावी होते है, लेकिन कोई खतरा मोल न लेते हुए डॉक्टर की मंजूरी लेने के बाद ही इन उपायोंअच्छी डाइट लें, , फल, जूस, सूप, सलाद, छाछ, , दूध को आजमाएं|

1. पौष्टिक आहार का सेवन

पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए बच्चे को पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन कराए| जैसे आयरन, विटामिन बी12, सोडियम, कॉपर, सेलेनियम और फॉस्फोरस आदि|

1.विटामिन बी

विटामिन बी स्वस्थ व मुलायम बालों के लिए महत्वपूर्ण है| विटामिन बी तेल के स्राव को नियंत्रित रखता है, इसलिए दही, हरी पत्तेदार सब्जियों, टमाटर, फूलगोभी, अंकुरित अनाज और केलें विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थों को अपने बच्चे के आहार में शामिल करे|

2. खनिज पदार्थ (मिनरल्स)

आयरन, जिंक और कॉपर सबसे महत्वपूर्ण खनिज है, जो बच्चे के बालों की गुणवत्ता बनाए रखता है| हरी सब्जियां, चिकन और लाल मांस में जिंक पाया जाता है, जबकि कद्दू के बीज, पालक, फलियां, टोफु, अंडे, सूखे खुबानी, गेहूं, आंवला, अजमोद (पार्सले) और सूरजमुखी के बीज में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है|

साबुत अनाज, समुद्री भोजन व नट्स का सेवन करके शरीर में कॉपर के स्तर को बनाए रखा जा सकता है, और यह सभी बच्चे के बाल समय से पहले सफेद होने को कम करने या रोकने में मदद करते है|

3. प्रोटीन

प्रोटीन बालों को चमकदार बनाए रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, साबुत अनाज, सोया, अन्न और मांस प्रोटीन के महत्वपूर्ण स्रोत है|

4. आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ

कुछ स्थितियों में आयोडीन की कमी भी बच्चों में सफेद बालों का कारण बन सकती है| ऐसे में आयोडीन के अच्छे स्रोत के रूप में गाजर और केला को उपयोग में लाया जा सकता है|

2. एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल व सब्जियां

ऑक्सीडेटिव तनाव भी मेलेनिन को घटाकर बालों के सफेद होने की समस्या पैदा कर सकता है| इसलिए, एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर फलों और सब्जियों जैसे :- सूखे सेब, ओकरा का आटा, पत्तागोभी, आम, खजूर, अमरूद, सूखे एप्रिकोट और चुकंदर का उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है|

3.फोलिक एसिड युक्त पदार्थ

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक फोलिक एसिड की कमी बालों के सफेद होने का एक मुख्य कारण हो सकती है। फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थों में मटर, बीन्स, नट्स और अंडा शामिल है, जिन्हें उपयोग में लाया जा सकता है|

इसके अलावा अन्य घरेलू उपचार

4. घी (गाय के दूध का)

घी विशिष्ट एंजाइमों से भरा होता है, जो बालों की चमक व मजबूत बनाए रखने में मदद करता है| सप्ताह में दो बार बालों में घी लगाएं|

इसके अलावा गाय के दूध से निकला हुआ मक्‍खन भी फायदेमंद होता है| इसे भी बालों पर लगा सकती है|

5. नारियल तेल का मसाज

हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेज द्वारा किए शोध में पाया गया कि नारियल का तेल सफेद बाल की समस्या में लाभदायक साबित हो सकता है| यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करती है|

6. आंवला और नारियल का तेल

आंवले में विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, फ़ास्फ़ोरस, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, और यह एंटीऑक्सीडेंट होते है, यह त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने मे बड़ी भूमिका निभाते है|

7. आंवला और आल्मंड ऑइल

आंवला का तेल और आल्मंड को मिक्स करके बालों पर मसाज करे|

8. करी पत्ता से बना पेस्ट

शोध से प्रमाणित है, कि करी पत्ते को पीसकर इसका पेस्ट लगाने से भी बालों के सफेद होने की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती हैं|

9. करी पत्ते और नारियल तेल

  • पत्तियों को नारियल के तेल में देर तब तक उबालें, जब तक वे काली न हो जाए| फिर ठंडा होने पर बालों मे लगाए\

10. भृंगराज की पत्तियों से बना लेप

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक भृंगराज को बालों का टॉनिक माना गया है| इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो बालों के झड़ने व सफेद बालों की समस्या से भी राहत दिला सकता है, साथ ही यह बालों के विकास को भी बढ़ावा देता है|

11. रीठा का उपयोग

भीगे हुए रीठा का पानी बालों के झड़ने व सफेद बालों की समस्या को दूर कर बालों के विकास में मदद करता है| इसे पानी में भिगोकर रख दें और अगली सुबह इससे सिर की अच्छे से मसाज करें। मसाज के बाद सिर को धोए|

12. अनार की छाल

एक चम्मच अनार की छाल को लगभग 300 एमएल नारियल के तेल में करीब 15-20 मिनट तक उबाले| बाद में इस तेल को छान कर किसी डिब्बे में रख ले| इस तेल को नियमित बालों की मसाज करने के लिए इस्तेमाल करें, इससे सफेद बालों की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है|

13. आंवला जूस और बादाम का तेल

बादाम के तेल में विटामिन ‘ई’ होता है, बादाम के तेल और आंवले के रस को बराबर मात्रा में मिलाएं, और इस मिश्रण से सिर की मालिश करें, सर्वोत्तम परिणाम मिलेगा|

14. नारियल तेल और नींबू का रस

नींबू के रस और नारियल के तेल के मिश्रण से बालों की नियमित रूप से मालिश करें| इससे बाल मजबूत होंगे, और समय से पहले सफेद होना बंद हो जाएगा|

15. बादाम का तेल और तिल

बादाम और तिल का तेल के मिश्रण को सिर पर लगाएं और 20 मिनट तक मालिश करें| और 20 के बाद धो लें|

16. नींबू का रस और आंवला पाउडर

2 चम्मच पानी और नींबू के रस में 4 चम्मच आंवला पाउडर मिलाएं और इसे एक घंटे के लिए रख दें| फिर इस लेप को सिर पर लगाएं और 25 मिनट बाद धो ले, व इसके तुरंत बाद बालों पर शैम्पू या साबुन का इस्तेमाल न करें|

17. तिल का तेल और संतरे के बीज का तेल

4 चम्मच तिल का तेल और आधा चम्मच संतरे के बीज का तेल मिलाएं| इसे बाल के जड़ों पर लगाएं। 30 मिनट बाद धो ले|

18. मेंहदी और मेथी के बीजों का पाउडर

2 चम्मच मेंहदी, 1 चम्मच मेथी के बीजों का पाउडर, दही, कॉफी पाउडर, 2 चम्मच तुलसी के पत्तों का रस और 2 चम्मच पुदीने की पत्तियों का रस एक कटोरे में लें और एक महीन पेस्ट बनाएं| इस पेस्ट को बालों पर लगाएं और 2 घंटे बाद बालों को धो लें|

बच्चों में बालों के सफेद होने की स्थिति पैदा होने पर इन घरेलू उपायों को अपनाकर कुछ हद तक इस समस्या से राहत पाई जा सकती है| डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इन घरेलू उपायों को आजमाएं|

कुछ सावधानियां और सुझाव [Some Precautions and Tips]

समय से पहले सफेद बाल कई बच्चों को प्रभावित करता है| हालांकि घरेलू उपचार का उपयोग करके और बच्चे के आहार को नियंत्रित करके इसे कम किया जा सकता है| इसके अलावा डॉक्टर की मदद से समस्या के मुख्य कारण को जानकर इलाज की दिशा में उचित कदम उठाया जाए|

यदि आपको अपने बच्चे के सफेद बाल दिखाई देते हैं, तो इन सुझावों को अपनाएं :-

  1. आनुवंशिक बीमारी भी बालों के सफेद होने का कारण हो सकती है| ऐसे में अगर बच्चे में कोई आनुवंशिक बीमारी है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सम्पर्क करें और जल्द से जल्द इलाज की ओर कदम बढ़ाएं, ताकि समय रहते ही समस्या की रोकथाम की जा सके|
  2. यदि बालों का सफेद होना अन्य स्थितियों या गंभीर बीमारी का परिणाम है, तो उन स्थितियों का इलाज करे|
  3. बच्चे के बाल को गर्म पानी से न धोएं| गर्म पानी मेलेनिन के उत्पादन में सहायता करने वाले मेलानोसाइट्स को नष्ट कर सकता है|
  4. समय से पहले सफेद बालों का एक अन्य कारण पराबैंगनी किरण के संपर्क में अधिक होना है, इसलिए अत्यधिक धूप न सेंके|
  5. पोषक तत्वों की कमी बालों के सफेद होने के कारणों में शामिल है| इसलिए, बाहरी खानपान (जंक फूड) से दूरी बनाकर बच्चों में पौष्टिक आहार के प्रति रुझान पैदा करें|
  6. प्रदूषण के कारण भी बाल सफेद होने की समस्या हो सकती है। इसलिए, बच्चों की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और प्रदूषण से बचाने का हर संभव प्रयास करे|
  7. सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बच्चों के आसपास धूम्रपान न करे|
  8. मानसिक तनाव भी बाल के सफेद होने के कारणों में से एक है| इसलिए, बच्चों को मानसिक दबाव से बचाने का प्रयास करे| पूरी आठ घंटे की नींद लें, नियमित रूप से योग, व्यायाम करे, जिससे तनाव कम होने में मदद मिलेगी|
  9. केमिकल हेयरकलर्स का इस्तेमाल ना करे, बच्चे के बाल धोने के लिए हर्बल शैंपू का विकल्प चुन सकती है|

सफेद बालों को फिर से प्राकृतिक रूप से काला नही किया जा सकता, लेकिन कुछ हद तक इन तरीको को अपनाकर बालों को सफेद होने से बचाया जा सकता है|

आखरी सोच

यह तो अब आप जान ही गए होंगे कि बच्चों में सफेद बाल का दिखना कोई आम बात नहीं है| पोषक तत्वों की कमी या फिर कोई गंभीर बीमारी इसकी वजह हो सकती है| ऐसे में बिना देर किए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए, ताकि समस्या की जड़ तक पहुंच, इसके मुख्य कारण का पता लगाया जा सके।

इस प्रकार इस आर्टिकल मे 8-10 साल मे ही बाल सफेद हो जाते है क्यों? इससे संबधित जानकारी साझा किया गया है|

आशा है कि आर्टिकल पसंद आया होगा,और उचित जानकारी प्राप्त हुआ होगा, और आपके लिये उपयोगी साबित हुआ होगा,

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